30 नवम्बर तक हड़ताल पर बैठ रहे खदान प्रभावित,GM,रोजगार का भरोसा देकर घुमा रहे,भटक रहे नराइबोध के भू-विस्थापित

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कोरबा (आधार स्तंभ) :  एसईसीएल की गेवरा माइंस से प्रभावित ग्राम नराइबोध में कई माह से गांव के मूल निवासी वैकल्पिक रोजगार के लिए भटक रहे हैं किंतु किसी भी प्रकार की रोजगार की व्यवस्था अभी तक नहीं हुई है। इनके द्वारा हड़ताल करते, आंदोलन करते सालों गुजर गए किन्तु सुनवाई नहीं हो रही है।

इस सम्बंध में वैकल्पिक रोजगार और पानी की समस्या का संपूर्ण समाधान हेतु दिनांक 17 नवम्बर से 30 नवम्बर तक अनिश्चितकालीन हड़ताल किया जा रहा है।

प्रभावितों ने गेवरा क्षेत्र के महाप्रबंधक को अवगत कराया है कि वैकल्पिक रोजगार हेतु अनेकों बार आश्वासन देने के पश्चात भी अभी तक वैकल्पिक रोजगार की कोई भी प्रत्यक्ष व्यवस्था नहीं की गई है। इस कारण गांव के मूल निवासी रोजगार हेतु दर-दर की ठोकरे खा रहे हैं। गेवरा प्रोजेक्ट जीएम द्वारा ग्राम वासियों को आश्वासन देकर कई माह से रोजगार हेतु घुमाया जा रहा है किंतु रोजगार प्रदान नहीं किया गया है। इस कारण हड़ताल हेतु मजबूर हैं क्योंकि जब हड़ताल की जाती है तभी अधिकारी हमारी ओर ध्यान देते हैं अन्यथा हमें हर तरह से नजरअंदाज किया जाता है। कहा गया है कि जब तक रोजगार प्रदान नहीं किया जाएगा तब तक ग्रामवासी सुबह 6 बजे से लगातार माह के अंतिम तारीख 30/11/2024 तक हर दिन हडताल पर संपूर्ण गेवरा खदान बंद करके बैठेंगे जो कि शांति प्रिय ढंग से दो जगह पर बैठकर संपन्न होनी है। निवेदन किया गया है कि अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाने से हड़ताल के लिए मजबूर हैं जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी एस.ई.सी.एल प्रोजेक्ट जीएम व महाप्रबंधक एवं जिला शासन प्रशासन की होगी।

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